अगर बिछड़ने से मुस्कुराहट लौट आये तुम्हारी,
जैसे मुझसा बुरा दुनिया में कोई और नहीं।
तेरे मखमली बदन में, खुशबुओं के चमन में।
देखते है पहले कौन मिलता है, हमे दोनो का इंतजार है…!
शहर ज़ालिमों का है साहब, जरा संभल कर चलना,
जिन्हें मिलती मंज़िल उंगलियों पे वो खुश है।
जिसे छोड़ देते हैं… उसी को सबसे ज़्यादा याद करता है।
सन्नाटों में हमारी Sad Shayari in Hindi बातें गुमनाम हो गए।
ये न सही करने देती है न ही कुछ गलत करने देती है।
क्योंकि उसे गुरुर होता है, की उसे चाहने वाले बहुत हैं…!
गुमान तक ना हुवा की वो बिछड़ने वाली है !
कहते है यूं तो ये शख्स, तजुर्बे से आगे निकल जायेगा…!
उसे जाना था, हमने भी दिल पर पत्थर रखकर जाने दिया,
तेरे दिल में तो पहले ही कोई जगह नहीं होगी।